कुत्ता जब अपने मालिक या मल्लिका को काटने को आतुर हो जाता है तो उसे पागल घोषित करके मार डाला जाता है लेकिन महत्वपूर्ण सवाल ये है कि जब मालिक या मल्लिका पागल हो जाए तो कुत्ता क्या करे ...कैसे उनको पागल घोषित कर के अपने परम कर्तव्य का निर्वहन करे ...? लेकिन कई अवसरों पर ये भ्रम की स्थिति भैंस के चारे में आग भी लगा देती है जैसा कि मामा-भांजे के खेल में दिख रहा है। सीबीआई वाले बांस ले के बंसल साहब के भांजे के सामने भांजने लगे तो बड़ा आश्चर्य हुआ उससे भी ज्यादा आश्चर्य तब हुआ जब उस भाजम-भाज में बंसल साहब का भांजा अपने मंडली समेत उसकी चपेट में आ गया। इस्तीफ़ा के मुद्दे पर बंसल साहब बांस ले कर उछल-कूद मचाते हुए ईमानदारी का नाच दिखाने लगते हैं ...खैर मैंने एक कटीले और खांटी से पूछा तो वो कहने लगे "...बंसल साहब जी ने खुद जाँच की मांग की है ..." मैंने पूछा "...केवल अपने खिलाफ ...या सभी ...?" वो तुरंत बीच में ही बात काटते हुए बोले "...नहीं नहीं केवल अपने भांजे के खिलाफ ..." मैंने पूछा "...घूस लेने में उनको क्या दिक्कत थी आखिर भांजा ही तो था ..." वो बोले "...बंसल साहब बड़े ईमानदार हैं ..." मैंने कहा "...हाँ ठीक वैसे ही जैसे मनमोहन सिंह ने 100 बार से अधिक मंहगाई कम करने का वादा किया और मंहगाई कम हो गयी ...!" उन्होंने तिलमिला के मुझसे पूछा "...आपका मतलब ...?" मैंने उत्तर देते हुए कहा "...आप ही लोग फटे ढोल से पखावज की मधुर ध्वनि निकाल सकते हैं ...? वो मंद-मंद मुस्कुराने लगे तो थोड़ी देर बाद मैंने पूछा " ...वैसे सीबीआई किसके इशारे पर बंसल साहब के भांजे का फ़ोन ट्रैप कर रही थी ...?" वो बोले "...ये सवाल सीबीआई से पूछिए ..." मैंने कहा "....वो तो कर्तव्य विमूढ़ हैं ...!" उन्होंने मुझसे पूछा "... क्यों ...?" मैंने कहा "...वो कह रहे थे हम तो आदेश का पालन कर रहे थे ..." वो सकपकाते हुए बोले "...देखए हमारी प्रेसिडेंट मैडम बहुत ईमानदार हैं ..." मैंने कहा "...अभी कल ही उन्होंने पोस्ट किया है आपकी प्रसीडेंट मैडम के खिलाफ मुकद्दमा चलने के लिए पीएमओ में अर्जी दी है ..." उन्होंने हडबडाहट में कहा "...तो क्या हुआ ..." मैंने आश्चर्य से कहा "...क्यों सुब्रमनियन स्वामी ने पूरा खुलासा किया है अपने अर्जी में ...!" उन्होंने गुस्से में मुझसे पूछा "...किस बात का खुलासा ...?" मैंने कहा "...उनकी पूरी अवैध कमाई 2G और अन्य घोटाले में बन्दर बाँट वो भी अपनी बहनों के साथ ...यहाँ से लेकर इटली तक ...कहीं ऐसा तो ...!" उन्होंने गुस्से में बात काटते हुए मुझसे पूछा "...आपका मतलब क्या है ..." मैंने कहा "...वही जो आपके समझ में आ रहा है ...!" उनका गुस्सा शांत नहीं हुआ लिहाजा उन्होंने गुस्से में मुझसे पूछा "...मुझे क्या समझ में आ रहा है ...?" मैंने आराम से उत्तर देते हुए कहा "...सुब्रमनियन स्वामी जी के अर्जी के बाद आपकी प्रेसिडेंट मैडम ने सीबीआई को बांस ले के बंसल साहब की ओर लहका दिया ..." वो बोले "...उससे क्या होगा ..." मैंने कहा "...लोगों का ध्यान बंटेगा और क्या ...छोटी सी बात है ..." उन्होंने मुझे शांत करते हुए कहा "...देखिये ऐसी कोई बात नहीं है ..." मैंने कहा "...तो आज ही सीबीआई बंसल साहब की पचलकड़ी करने क्यों निकल पडी ..." वो चुप रहे थोड़ी देर बाद मैंने कहा "...CWG, जीजाजी, 2G, LIC, कोयला, अंतरिक्ष, मनरेगा, कर्जमाफी और ना जाने कौन कौन घोटाला ...लेकिन आज ही ...सीबीआई को क्या हो गया कि अपने मालिक को काटने दौड़ पडी ....?" वो अपने एसी का कुलिंग पॉइंट बढाने में व्यस्त हो गए ...तो मैंने भी चलना उचित समझा ....
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