Friday, 31 May 2013

आखिरकार महेंद्र सिंह धोनी ने ये स्वीकार कर ही लिया कि क्रिकेट खेलने वालों के पास वास्तव में बुद्धि की कमी होती है यानी क्रिकेट वास्तव में मूर्खों का खेल है। चलिए ये काम उन्होंने साहित्य के नोबेल पुरस्कार विजेता जार्ज बर्नाड शॉ जिन्होंने कभी कहा था कि क्रिकेट 22 मूर्ख खेलते हैं और 22 करोड़ महामूर्ख देखते हैं, के देश इंग्लैंड में जा कर किया बहुत अच्छा किया। ये देशहित में है कि जितनी जल्दी हो सके उतनी जल्दी भारत को क्रिकेट के जघन्य पाप से मुक्ति मिले।  

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