नरेंद्र भाई मोदी का जादू अब कुछ लोगों के लिए एटम बम लगने लगा है इस बम के कारण डर का आलम ये है कि जो जहाँ है वहीं से अपनी "टोपोरियत" को चमकाना शुरू कर दिया है। कुछ लोगों ने हथियार डाल के युवा के नाम पर बकलोल के हाथ में बागडोर भी सौंप दी है। पता नहीं इसी कारण देखा-देखी में या किसी और कारण से लालू प्रसाद यादव ने सेकुलरिज्म का टोपी पहन के जब गाँधी मैदान अपनी "टोपोरियत" दिखाई तो नितीश कुमार फिर भाजपा के रजाई में दुबकने चल पड़े पता नहीं इस गर्मी में उनको नरेन्द्र भाई वाली रजाई की गर्मी बर्दाश्त हुई या नहीं लेकिन इतना तो तय है कि बहुत से लोग दमकल ले के खड़े थे, जानकार बता रहे थे कि केंद्र से उनको "स्पेशल दर्जा" के तहत मिला था। खैर बात "टोपोरियत" की थी लालू प्रसाद यादव की तो लोग बता रहे हैं कि करीब डेढ़ लाख लोगों ने उनकी "टोपोरियत" की सरे आम दिनदहाड़े सीना ठोक के दीक्षा ली। अभी कुछ साल पहले जब बेउर जेल में चारा घोटाले में गए थे तब उन्होंने राबड़ी देवी को ही नियुक्त किया था अपनी "टोपोरियत" की रक्षा करने के लिए, काजने काहें उनको किसी और पर उनको भरोसे नहीं हो रहा था। उस समय किसी को भी कोई आपत्ति नहीं हुई थी और राबड़ी देवी ने हंसी - खुशी लालू यादव के "टोपोरियत" को न सिर्फ बर्दाश्त किया था बल्कि बड़े जातन से संभाला भी था। जब वो जेल में थे तो बहुत कुछ पता नहीं चल पा रहा था कि आखिर उनका टाइम कैसे पास होता है। लेकिन अब पता चला है कि वास्तव में वो तो "टोपोरियत" पर गहन चिंतन या चिंता कर के टाइम पास कर रहे थे। लेकिन जब तक वो तैयार होते तब तक उनकी "टोपोरियत" पर नितीश कुमार का कब्ज़ा हो चुका था। उनके ही लोग बताते फिर रहे थे कि ये सब नितीश कुमार ने गलत जगह पर गलत टोपी पहन के किया था लिहाजा इसे धोखे की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। अब उनकी "टोपोरियत" की पराजित विरासत को सँभालने के लिए लगता है उनकी शक्ति कम पड़ रही है इसीलिए नाती-पोतों की फौज को इकठ्ठा कर रहे हैं। इस बारे में मैंने एक राजद नेता से पूछा तो कहने लगे "...देखिये फौज की बहुते जरूरत है ..." मैंने कहा "...नरेन्द्र भाई से इतना डर ...!" राजद नेता बोले "...कांग्रेस भी तो डर रही है तब्बे तो सिब्बल साहब पद-भार सँभालते ही अपना डर जग जाहिर कर दिए ...!" मैंने कहा "...क्या वाकई डर बहुत ज्यादा है ...?" वो बोले "...देखिये राहुल बाबा को उपाध्यक्ष बनते ही अपनी दाढी बनवानी पड़ी इसी से आप अंदाजा लगा लीजिये..." मैंने कहा "...इसीलिए आप भी अपने नाती-पोतों की दाढी बनवा के मैदान कुदा रहे हैं ...!" वो बोले "...देखिये ऐसा करना जरूरी है हमारे पास मैनपॉवर है वो भी मुफ्त का सो यूज़ करने में क्या हर्ज़ है ...?" मैंने कहा "...लालू जी तो भैंस की सींग पकड़ कर भैंस पर चढ़ते थे लेकिन क्या उनका नया मैनपॉवर ऐसा कर पाएगा ...?" राजद नेता बोले "...बिल्कुल करेगा काहे नहीं करेगा ...?" मैंने कहा "...बिहार में आपका यंग मैनपॉवर चलेगा क्या ...?" वो बोले "...कर्नाटक में जब राहुल बाबा चल सकते हैं फिर ये तो अपने बिहार है ..." मैंने कहा "...लेकिन कर्नाटक में तो राहुल बाबा ने 30 सीटों पर प्रचार किया और केवल 12 ही जीत पाए वहीं नरेन्द्र भाई ने भी 30 सीटों पर प्रचार किया और 22 सीट निकाल लिए ..." वो बोले "...यही तो असली डर है ..." मैंने कहा "...तो ..." वो बोले "...नितीश को रोकेंगे ..." मैंने कहा "...कांग्रेस में आने से ...?" वो थोडा कंफ्यूज हो गए और कुछ भी बोलने से मना कर दिया ...
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