अन्य जगहों के भांति घोर राजस्थानी रेगिस्तान की भीषण गर्मी में भी कांग्रेसी जीजाजी अपने समर्थक सहयोगी के साथ पुश्तैनी लंगोटी सुखाने पहुँच गए तभी किसी स्थानीय ने उनको देख के ताल ठोकते हुए पूछा "...दिल्ली में पानी बहुत ज्यादा है क्या ..." कांग्रेसी जीजाजी ने कोई जवाब नहीं दिया लेकिन इससे उस स्थानीय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा, फिर उनके सहयोगी की धमकी सुन कर स्थानीय चले गए। पर मुझे सहयोगी ने बताया कि कांग्रेसी जीजाजी "जीजाजी" के नाम से न सिर्फ कुख्यात हैं बल्कि जिमखाने के मशहूर बाहुबली भी माने जाते हैं। ये धमकी सुन के मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने सहयोगी से ललकाराने के लहजे में पूछा तो सहयोगी ने कहा "...क्या परेशानी है ..." मैने तैश में कहा "...आपको घूम - घूम के गन्दगी फ़ैलाने का कोई अधिकार नहीं है ..." सहयोगी ने कहा "...वो कही भी आ जा सकते हैं और कुछ भी कर सकते हैं ..." मैने कहा "... क्यों रेगिस्तान में मछली मारने की कला इटली से सीख कर आए हैं ...?" सहयोगी ने कहा "...देखो उनकी और मेरी बॉडी ..." मैने कहा "...इससे क्या मछलियाँ ज्यादा मिलती हैं ...?" सहयोगी ने धमकी देते हुए कहा "...उठा के कहीं और शिफ्ट कर दिया जाएगा ..." इसपर मुझे मीडिया-मीडिया चिल्लाना पड़ा तो जीजाजी और उनके सहयोगीने चुप कराने की कोशिश की लेकिन आश्चर्य से कड़े हो कर पूछा "...मीडिया मीडिया चिल्लाने की क्या जरूरत है ...? " मैने कहा "...क्यों मुझे मीडिया पर भरोसा नहीं करना चाहिए अगर आप लोगों से डर लगे तो ...?" सहयोगी ने कहा "...नहीं सीबीआई पर, मुख्यमंत्री पर या सरकार पर भरोसा कीजिये ..." मैने कहा "...भोपाल गैस कांड से मन नहीं भरा, बोफोर्स से दगवाने के बाद भी मन नहीं भरा, बहुत - बहुत उघटापैंची करके भी मन नहीं भरा तो ...." सहयोगी ने बीच में ही बात कटते हुए कहा "...चुप एकदम चुप !!! बक करने की कोई जरूरत नहीं है ..." मैने गुस्से से कहा "...क्यों इटली से मछुआरा मारने आपके रिश्तेदार आए थे ...?" सहयोगी बोले "...वो मछुआरा मारने नहीं आए थे ...?" मैंने बीच में ही टोकते हुए कहा "...तो फिर रिश्तेदारी निभाने का ये कौन सा तरीका है ...?" सहयोगी बोले "...ये सब होता रहता है ..." मैने पूछा "...आपके घर में ये सब क्यों नहीं होता ..." सहयोगी ने उत्तर देते हुए कहा "...वास्तव में अब आपको हमारे शीशे के घर पर पत्थर नहीं फेंकना चाहिए ..." मैने कहा "...मेरा घर तो शीशे का नहीं है ..." सहयोगी ने धमकी देते हुए कहा "...केजरीवाल बनने के ज्यादा कोशिश मत कीजिये ..." मैंने कहा "...मुझे न तो केजरीवाल बनना है और न ही राहुल गाँधी ..." सहयोगी ने धमकी देते हुए कहा "...राहुल गाँधी का नाम मत लीजिये..." मैने कहा "...क्यों ... सारी खुदाई एक तरफ जोरू का भाई एक तरफ ...!" सहयोगी ने कहा "...देखिये उन्हें देश में कहीं भी अपनी लंगोटी सुखाने से कोई नहीं रोक सकता ...आप भी नहीं ..." मैने कहा "...आप क्या चाहते हैं कि सभी लोग आपके लिए रेड कारपेट बिछा दें ..." सहयोगी बोले "...वो तो करना ही पड़ेगा ..." मैने साफ - साफ़ कह दिया "... मै मछुआरा या कोई और नहीं हूँ ये आप अच्छी तरह समझ लीजिये ..." तभी जीजाजी ने अपना मोबाईल निकाल के कहीं मिलाया थोडी ही देर पुलिस के सायरन की आवाज सुनाई देने लगी ...फिर मेरे सामने भागने के सिवा कोई और चारा ही नहीं था .....
No comments:
Post a Comment