Friday, 15 February 2013

राहुल गाँधी ने हिटलर स्टाइल में साम्यवादियों को अगरतल्ला में  हड़का दिया... साफ साफ कह दिया कि उनको देश बहार फेंक दिया जाएगा। उन्होंने ऐसा करते समय अपनी बाँहों का आस्तीन चढ़ाया था या नहीं मुझे नहीं मालूम लेकिन इतना तो पता चला है कि उनके धमकी से साम्यवादियों में कोई खलबली नहीं मची। एक साम्यवादी कैडर हँसते बात कर रहे थे। मैंने उनके हंसने का राज पूछा तो कहने लगे "...बड़ा ही अच्छा हुआ राहुल गाँधी आ गए ..." मैंने कहा "...लेकिन वो तो आपके खिलाफ प्रचार कर रहे हैं ...!" इसपर उन्होंने जोर से ठहाका लगाया बोले "...अच्छा ! मुझे तो लगा कि वो हमारा प्रचार कर रहे हैं ..." मैंने कहा "...इतना आत्मविश्वास ...!" उन्होंने कहा "...इतना जान लीजिये ये जयपुर नहीं है ..." मेरी जिज्ञासा जागी पूछा "...नहीं तो ...?" उन्होंने सीधा सपाट उत्तर दिया "...नहीं तो हम भी आंसू बहा रहे होते ..." मैंने कहा "...लेकिन उन्होंने तो आप लोगों को धमकी दी  है ...!" इस पर वो कहने लगे "...हम लोग मनमोहन सिंह थोड़े ही हैं ...कि एक घुडकी दी और चुप हो गए ..." मैंने कहा "...ऐसे तो आप उनकी पार्टी की अंदरूनी मामलों में हस्तक्षेप कर रहे हैं ...!" उन्होंने मुझसे ही पूछ लिया "...यदि आपके ऊपर कोई हमला करे तो आपका स्टैंड क्या होगा ...?" मैंने कहा  "...लेकिन आपको तो उनके हमले से खशी है ..." वो ठहाका लगते हुए बोले "...जी बिल्कुल ...!" "..फिर .." मैंने उत्सुकता से पूछा "...देखिये राजनीति में ऐसा थोड़े ही होता है कि आप पान खाईये केरल में थूकिये कश्मीर में ..." मेरी जिज्ञासा शांत नहीं हुई मैंने पूछा "...मतलब  ...?" उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा "...नरेन्द्र मोदी से पूछिए ..."  मैंने जोर से कहा "...थोडा और स्पष्ट करेंगे ...?" उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा "...बिहार, यूपी और गुजरात जैसी नौटंकी यहाँ भी कर रहे हैं ..." मैंने कहा "...तब तो आपको प्रचार करने की जरूरत ही नहीं है ...!" उन्होंने कहा "...हमारा उद्देश्य यही था कि वो अपनी असलियत यहाँ भी दिखा दें ...!" मैंने कहा "...ये चुनाव के बाद पता चलेगा ..." वो बोले "...देखिये हम यहाँ सत्ता में हैं ..." मैंने कहा "...लेकिन वो तो कह रहे हैं वो सत्ता में आ रहे हैं ..." उन्होंने ने जोर से हँसते हुए तर्क दिया "...वो ऐसा तब कर पाएंगे जब हमें देश के बाहर फेंक देंगे ..." मैंने कहा "...वो तो ये भी कह रहे थे की उनका संघर्ष साम्यवादियों को सत्ता से बहार करने का है ..." वो अपनी हंसी रोकते हुए बोले "...भेज देते मनमोहन सिंह को ..." मैंने कहा "...लेकिन उन्होंने तो उनको घुडकी दे कर चुप्प करा दिया है ..." वो बोले "...वही तो अपनी चप्पी से सवालों के आबरू बचाते फिर रहे हैं भले ही देश की आबरू लुट जाए वो भी भरे बाज़ार या चलती ..." मैंने पूछा "...उनकी हिटलर शाही पर आप कुछ नहीं करेंगे ..?" उन्होंने उत्तर दिया "... उन्होंने तो जयपुर में खुद को जज घोषित कर दिया जाहिर है उनको झेलने की बारी कांग्रेसियों की है ...मै क्या कर सकता हूँ ..." मैंने कहा "...मतलब आप कुछ नहीं करेंगे ...!" वो बोलने की स्थिति में थे या नहीं मुझे पता नहीं चल पा रहा था ...लेकिन मुस्कुराते जा रहे थे ....मैंने उनको नमस्कार कह दिया।   

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